
सीधी। नाम पर न जाइए नाम में क्या रखा है काम पर गौर कीजिए। वैसे तो साॅइ एक्सपर्ट टेक्नोलॉजी नाम सुनकर ऐसा लगता है कि यह कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने या फिर बेचने की दुकान होगी, लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं यह एक झोलाछाप फर्म है जिसका असल उद्देश्य शासन को चूना लगाना और टैक्स पेयर्स के गाढी कमाई को लूटना है। जी हां हम सही कह रहे हैं साॅइ एक्सपर्ट टेक्नोलॉजी नाम की यह फर्म वास्तव में कहीं है ही नहीं लेकिन आदिवासी विकासखंड क्षेत्र कुसमी के केवल चार ग्राम पंचायतों में लगभग 38 लाख की सामग्री फर्म ने कागजों में सप्लाई कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार साॅइ एक्सपर्ट टेक्नोलॉजी नाम की यह तथा कथित फर्म नम्रता मिश्रा के नाम पर है जिसका पंजीयन 1 जुलाई 2017 को कराया गया है। सूत्रों से हासिल जानकारी के मुताबिक नम्रता मिश्रा के पति का नाम जीवेन्द्र मिश्रा है जो कि इस पूरे फर्जी वाडे के मास्टरमाइंड है और एक फर्जी फर्म चलकर फर्जी वाडे को अंजाम दे रहे हैं।







